रासायनिक उर्वरकों का वितरण:
किसानों को सही समय पर, उचित मात्रा में उच्च गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध करवाकर फसल उत्पादन बढ़ाना, इस संस्था का एक लक्ष्य है।
"मार्कफेड" 1956 से उर्वरक के उपार्जन और वितरण का कार्य रसायन व उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम एक्ट के दिशा निर्देशों और नियमों के अनुसार करता आ रहा है। मध्यप्रदेश में उर्वरक के वितरण की व्यवस्था सरकारी संस्थागत व निजी क्षेत्र द्वारा की जाती है। उर्वरक के वितरण का काम करने वाली राज्य सरकार की प्रमुख संस्थाएं निम्न हैः-- म.प्र स्टेट को-ऑपरेटिव माकेर्टिंग फेडरेशन (मार्कफेड)
- म.प्र स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एम.पी एग्रो)
- म.प्र स्टेट ऑइल सीड प्रोड्यूसर को-ऑपरेटिव फेडरेशन (ऑइलफेड)
2. "मार्कफेड" मध्यप्रदेश में रासायनिक उर्वरक क्रय-विक्रय की सबसे बड़ी संस्था है। फेडरेशन नाइट्रोजनस, फॉस्पफेटिक पोटाशिक फर्टिलाइजर को इसके निर्माता व आयातकर्ताओं से खरीदकर राज्य भर में फैले अपने 244 केंद्रों पर उर्वरक भण्डारण कर, इन्हें जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के द्वारा जारी रिलीज आर्डर के आधार पर संबंधित जिलों के प्राथमिक सहकारी कृषि समिति को उपलब्ध कराती है।
3. संघ के उर्वरक व्यवसाय की वार्षिक कुल बिक्री चालू वित्त वर्ष 2011-12 में 2300 करोड़ रुपये है।
4. "मार्कफेड" की पूरे राज्य में उर्वरक के वितरण में 52 फीसदी से अधिक और डीएपी या अन्य उर्वरकों में 72 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी है।
5. सूक्ष्म पोषक तत्व में न्यूनता की चुनौती को ध्यान में रखते हुए ''मार्कफेड'' ने जिंक सल्फेट, जिप्सम और अमोनियम मोलीबाइट की आपूर्ति की भी व्यवस्था की है।
उर्वरक के वितरण नेटवर्क:
वर्ष 2007-08 से फास्फेटिक एवं पोटासिक उर्वरकों की देषव्यापी कमी की स्थिति निर्मित हुई है। चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए म0प्र0 शासन द्वारा "मार्कफेड" को इन उर्वरकों की व्यवस्था के लिए राज्य की नोडल एजेन्सी नियुक्त किया गया है। "मार्कफेड" द्वारा सामयिक, सुनियोजित, सुव्यवस्थित कार्य योजनांतर्गत इस चुनौतीपूर्ण दायित्व का निर्वहन करते हुए प्रदेष में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिष्चित की जा रही है, जिससे राष्ट्र व्यापी कमी के बाबजूद प्रदेष में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध हो रहे है।
रासायनिक खाद व्यवसाय के मुख्य बिन्दु:
- सम्पूर्ण प्रदेश में समान मूल्य पर खाद की उपलब्धता ।
- विपणन संघ द्वारा 244 भण्डारण/डबललॉक केन्द्रों से 4526 प्राथमिक कृषिशाख समितियों तथा 279 विपणन समितियों के माध्यम से वितरण ।
- प्रदेश में 52 प्रतिशत उर्वरक वितरण विपणन संघ द्वारा ।
- डी0ए0पी तथा काम्पलेक्स खाद के वितरण में 72 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी ।
- प्रदेश में संस्थागत केन्द्रों की संख्या औसत 42 प्रतिशत जो विभिन्न राज्यों की तुलना में सर्वाधिक ।
राज्य और मार्कफेड द्वारा रासायनिक उर्वरक की कुल बिक्री (टन में मात्रा):
| वर्ष | म.प्र. मार्कफेड | राज्य | कुल बिक्री | मार्कफेड का प्रतिशत % |
| 2001-02 | 924.18 | 835.82 | 1760.00 | 52.51 |
| 2002-03 | 833.10 | 761.33 | 1594.45 | 52.25 |
| 2003-04 | 971.10 | 1178.24 | 2149.33 | 45.18 |
| 2004-05 | 1009.31 | 1364.99 | 2374.30 | 42.51 |
| 2005-06 | 951.03 | 1221.60 | 2072.63 | 45.89 |
| 2006-07 | 1219.04 | 1450.75 | 2669.79 | 45.66 |
| 2007-08 | 1334.63 | 1558.07 | 2892.69 | 46.14 |
| 2008-09 | 1336.47 | 1785.59 | 3122.06 | 42.81 |
| 2009-10 | 1807.69 | 1805.11 | 3612.80 | 50.04 |
| 2010-11 | 2254.10 | 2056.90 | 4311.00 | 52.28 |


